UPSC क्या है?
What is UPSC |upsc kise kahte hai| upsc ka exam kon de sakta hai|upsc ke liye kaise questions hote hai| upsc ke liye kya qualification hoti hai|
| UPSC | जानकारी |
|---|---|
| UPSC फ़ुल फ़ॉर्म | Union Public Service Commission ( संघ लोक सेवा आयोग |
| UPSC में क़ौन सी परीक्षाएँ आयोजित होती है | सिविल सेवा परीक्षा, एनजीनीरिंग सेवा परीक्षा,कम्बाइंड डिफ़ेन्स सेवा,राष्ट्रीय रक्षा अकडेमी, |
| योग्यता | किसी भी सब्जेक्ट में स्नातक 50% |
| UPSC भर्ती प्रक्रिया | प्रीलिमस, मेंस, साक्षात्कार |
UPSC का मतलब है संघ लोक सेवा आयोग है। यह एक संघीय
संगठन है जो भारतीय सरकार द्वारा स्थापित किया गया है। UPSC का मुख्य कार्य भारतीय संघ और राज्य सेवाओं के लिए अधिकारियों की भर्ती करना है। इसके लिए यह विभिन्न परीक्षाएं आयोजित करता है और योग्य उम्मीदवारों को चयन करता है। UPSC की सबसे प्रमुख परीक्षा IAS है, जिसे भारत की सर्वोच्च परीक्षा के रूप में मान्यता प्राप्त है। इसलिए, यदि आप UPSC की तैयारी करना चाहते हैं, तो आपको इसके बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करनी चाहिए।
दोस्तों, आजकल हर युवा का एक ही सपना होता है कि वह एक प्रतिष्ठित नौकरी प्राप्त करे। लेकिन बढ़ती हुई जनसंख्या के कारण इसमें नकारात्मक प्रभाव आ गया है। प्रतिस्पर्धा का स्तर इतना बढ़ गया है कि नौकरी प्राप्त करना बहुत मुश्किल हो गया है। आप सभी के मन में एक प्रश्न जरूर उठता होगा कि देश के बड़े-बड़े अफसरों जैसे IAS और IPS की नियुक्ति कैसे होती है। दोस्तों, आज हम इससे संबंधित सभी जानकारी देंगे। इस मुकाम को प्राप्त करने के लिए आपको यूपीएससी द्वारा आयोजित परीक्षा पास करनी होगी, जो सबसे कठिन और सम्मानित परीक्षा है।
- UPSC द्वारा आयोजित परीक्षाएं (Exams conducted by UPSC
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| Sample |
- सिविल सेवा परीक्षा (CSE)
- इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा (ESE)
- कंबाइंड डिफेंस सेवा (CDS)
- राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA)
- नौसेना अकादमी (NA)
UPSC के अंदर CSE परीक्षा के तहत कुल 24 पद होते हैं।
इनमें से कुछ पद भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS),
भारतीय पुलिस सेवा (IPS),
भारतीय राजस्व सेवा (IRS),
भारतीय विदेश सेवा (IFS),
संयुक्त चिकित्सा सेवा (CMS),
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF)
आदि हैं। इन पदों पर सभी अधिकारी ग्रेड A और B के होते हैं और इनका चयन संघ लोक सेवा आयोग द्वारा किया जाता है।
UPSC के कार्य संविधान के अनुच्छेद 320 से संबंधित होते हैं। संविधान के अनुसार, सिविल सेवाओं में भर्ती प्रक्रिया से संबंधित सभी देख-रेख आयोग के पास होती है। यहां दिए गए अनुच्छेद के तहत संघ लोक सेवा आयोग के कार्यों की सूची है:
1. परीक्षा का आयोजन करना अधिकारियों के नियुक्ति के लिए।
2. साक्षात्कार में उत्तीर्ण विद्यार्थीयों का चयन करना।
3. आमेलन द्वारा अधिकारियों की नियुक्ति करना।
4. लोक सेवा में विभिन्न पदों के लिए अनुशासन से संबंधित कार्य करना।
5. किसी भी मामलों में सरकार को सही निर्णय लेने में परामर्श देन
6.राज्य लोक सेवा के अधिकारियों को संघ लोक सेवा से अधिकारी के रूप में भर्ती करना।
7.विभागीय पदोन्नति समितियों का आयोजन करना।
भारत के राष्ट्रपति द्वारा निर्दिष्ट कोई अन्य मामला सुलझाना।
UPSC परीक्षा के लिए योग्यता (what is the qualification of upsc)
You must read:
जो छात्र अपनी स्नातक की परीक्षा किसी एक शाखा (विज्ञान, कला या वाणिज्य) से पूरी कर चुका हो, वह UPSC के लिए योग्य माना जाता है। साथ ही, स्नातक की परीक्षा में 50% अंक अनिवार्य हैं।
अंतिम वर्षों में अध्ययन कर रहे छात्र भी UPSC प्रीलिम्स में बैठ सकते हैं। हाँ, यह जरूरी होता है कि मेंस परीक्षा में स्नातक का प्रमाण देना होता है।
यूपीएससी परीक्षा उम्र सीमा:(UPSC Exam Age Limit)
सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए न्यूनतम उम्र 21 वर्ष और अधिकतम 32 वर्ष है। इन विद्यार्थियों को अधिकतम 6 प्रयास करने की अनुमति है।
एसएस/एसटी वर्ग के विद्यार्थियों के लिए न्यूनतम उम्र 21 वर्ष और अधिकतम 37 वर्ष है। इन्हें उम्र के मामलों में 5 वर्ष की छूट दी जाती है और असीमित प्रयास की सुविधा भी होती है।
ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों को 3 वर्ष की छूट दी जाती है। इसका मतलब है कि इनकी अधिकतम उम्र 35 वर्ष होनी चाहिए। इस वर्ग के विद्यार्थियों को कुल 9 प्रयास करने की अनुमति है।
UPSC exams का सिलेबस( UPSC exams syllabus)
यूपीएससी परीक्षा के सिलेबस में कुछ बदलाव किए गए हैं। प्रारंभिक परीक्षा पेपर-1 (GAT) में अब वर्तमान देश की घटनाओं, भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन का इतिहास, भारत और विश्व का भूगोल, आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था, राज व्यवस्था और शासन, पर्यावरण से संबंधित जानकारी शामिल होगी।
प्रारंभिक परीक्षा पेपर-2 (CSAT) में अब comprehension, पारंपरिक और संचार कौशल, तार्किक विश्लेषण, सामान्य ज्ञान और मानसिक क्षमता, निर्णय लेने की शक्ति और समस्या का समाधान, गणित (दसवीं स्तरीय) शामिल होगा।
मुख्य परीक्षा(mains): भारत की प्राचीन विरासत और संस्कृति, विश्व और सामाजिक इतिहास और भूगोल, संविधान, राजतंत्र, न्याय और अंतरराष्ट्रीय संबंध, टेक्नोलॉजी, आर्थिक विकास, विभिन्नता और आपदा प्रबंधन, आचार नीति, अखंडता और जैव विविधता।
यूपीएससी परीक्षा में भर्ती कैसे होती है?How is recruitment done in UPSC exam?
UPSC में भर्ती की प्रक्रिया तीन चरणों में होती है। प्रीलिम्स, मेन्स और साक्षात्कार। पहले हम प्रीलिम्स की परीक्षा प्रक्रिया को समझेंगे।
प्रीलिम्स में दो पेपर होते हैं - सामान्य अध्ययन I (GAT) और सामान्य अध्ययन II (CSAT)। सामान्य अध्ययन I में 100 प्रश्न होते हैं और कुल 200 अंक होते हैं। इसके लिए 2 घंटे का समय दिया जाता है। सामान्य अध्ययन II में 80 प्रश्न होते हैं और कुल 200 अंक होते हैं। इसके लिए भी 2 घंटे का समय दिया जाता है।
प्रारंभिक परीक्षा में दो पेपर होते हैं जिनके अंक मेरिट सूची में नहीं जोड़े जाते हैं। हाँ, लेकिन मुख्य परीक्षा में बैठने के लिए प्रारंभिक परीक्षा में कम से कम 33% अंक आवश्यक हैं। इसमें नकारात्मक अंक (नेगेटिव मार्किंग)की प्रक्रिया अपनाई जाती है। अभ्यर्थियों द्वारा गलत उत्तर देने पर उनके प्राप्तांक से 1/3 अंक काट लिए जाते हैं।
मुख्य परीक्षा की प्रक्रिया:(Main Exam Process)
प्रारंभिक परीक्षा में सफल छात्रों को मुख्य परीक्षा में बैठने का मौका मिलता है। इसमें कुल 9 पेपर होते हैं जो लिखित प्रश्न पत्र के आधार पर आते हैं। इनमें 2 भाषा के लिए प्रश्न पत्र होते हैं। मुख्य परीक्षा की अवधि लगभग एक सप्ताह तक की होती है। छात्र को साक्षात्कार तक पहुंचने के लिए मुख्य परीक्षा में 25% अंक लाना अनिवार्य है।
साक्षात्कार (Interview)
साक्षात्कार यूपीएससी का अंतिम चरण होता है। मेंस परीक्षा में सफल छात्रों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है। मेंस परीक्षा का मान्यता प्राप्त अंक 1750 होता है और साक्षात्कार का मान्यता प्राप्त अंक 275 होता है। इस तरह, मेरिट सूची के लिए कुल 2025 अंकों की परीक्षा आयोजित की जाती है। इसमें छात्र के व्यक्तित्व, गुण, लक्षण, भाषा की शैली और विचारों को महत्व दिया जाता है। साथ ही, कुछ सामान्य ज्ञान और वर्तमान घटनाओं से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।
यूपीएससी में कौन-कौन से पद होते हैं?What are the posts in UPSC?
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा कुल 24 पदों की परीक्षा आयोजित की जाती है। इनमें सबसे पहले स्थान IAS का होता है, उसके बाद IPS, IFS, IRS और अन्य महत्वपूर्ण पद होते हैं। ये 4 पद कुल 24 पदों के अंतर्गत आते हैं और अपने आप में एक अलग पहचान बनाते हैं। इसलिए अधिक से अधिक बच्चों का सपना होता है कि वे एक आईएएस अधिकारी बनें।
सन 2009 के पहले लोक सेवा आयोग ने आईपीएस के पद पर केवल 150 विद्यार्थियों को चयनित किया था। लेकिन बाद में आयोग ने कुछ संशोधन किए और अब आईपीएस के लिए 200 पदों की संख्या होती है। इसके अलावा, आईएएस के पदों की संख्या 180 या उससे कम भी हो सकती है। इस तरह, संघ लोक सेवा आयोग कुल 24 सेवाओं के लिए अधिकतम 1000 सीटों का निर्धारण करता है।
- भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस)
- भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस)
- भारतीय वन सेवा (आईएफओएस)
- भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस)
- भारतीय सूचना सेवा (आईआईएस)
- भारतीय डाक सेवा (आईपीओएस)
- भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस)
- भारतीय व्यापार सेवा (आईटीएस)
- रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ)
- पांडिचेरी सिविल सेवा (पीसीएस)
- पांडिचेरी पुलिस सेवा (पीपीएस)
- दिल्ली, अंडमान निकोबार आईलैंड्स सिविल सेवा (डैनिक्स)
- दिल्ली, अंडमान निकोबार आइलैंड, लक्षद्वीप, दमन दीव, दादर नगर हवेली पुलिस सेवा (डैनिप्स)
- इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट्स सर्विस (आईएएस)
- इंडियन सिविल अकाउंट्स सर्विस (आईसीएएस)
- इंडियन कॉरपोरेट लॉ सर्विस (आईसीएलएस)
- इंडियन डिफेंस एस्टेट सर्विस (आईडीईएस)
- इंडियन डिफेंस अकाउंट्स सर्विस (आईडीएएस)
–भारतीय आर्डिनेंस फैक्ट्रीज सेवा (आईओएफएस)
भारतीय संचार फैक्ट्रीज सेवा (आईसीएफएस)
भारतीय रेलवे लेखा सेवा (आईआरएएस)
भारतीय रेलवे कर्मचारी सेवा (आईआरपीएस)
भारतीय रेलवे यातायात सेवा (आईआरटीएस)
यूपीएससी परीक्षा के बाद सैलरी का विवरण Salary details after UPSC exam
सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से चयनित छात्रों को उनके रैंक के आधार पर विभिन्न पदों (जैसे- IAS, IPS, IFS, IRS आदि) पर नियुक्ति प्राप्त होती है। सभी अधिकारियों को उनकी पदस्थान के अनुसार वेतन दिया जाता है। वेतन में बहुत अंतर नहीं होता है, लेकिन IAS को अन्य सभी के मुकाबले मूल वेतन में थोड़ी अधिक राशि दी जाती है। हाँ, यह सत्य है कि मूल वेतन के अतिरिक्त अन्य सभी सुविधाएं प्रत्येक सिविल सेवा अधिकारी को समान रूप से प्रदान की जाती हैं।
ट्रेनिंग के दौरान लगभग ₹45000 दिए जाते हैं लेकिन एक जिला अधिकारी के रूप में नियुक्त होने के बाद IAS और IPS का प्रारंभिक वेतन एक समान ( 56,100 रुपए) मिलता है। IPS का उच्चतम वेतन 2,25,000 रुपए जबकि IAS को 2,50,000 रुपए दिया जाता है। सैलरी देने की यह प्रक्रिया सातवें वेतन आयोग के आधार पर हुआ है।
पोस्ट प्रारंभिक वेतन अधिकतम वेतन
IAS 56,100 2,50,000
IPS 56,100 2,25,000
इसके अतिरिक्त सभी अधिकारियों को लगभग समान राशि दी जाती है।
तो इस तरह से आपने यूपीएससी बनने के बारे में पूरी जानकारी इस article के माध्यम से प्राप्त कर ली है। आपने जाना कि यूपीएससी के इग्ज़ैम की तैयारी केलिए आपको क्या क्या करना होगा, और साथ ही आपने परीक्षा के विषय के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर ली है। आशा है कि आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी पसंद आई होगी। यूपीएससी के बारे में विस्तार से जानने के लिए आप यूपीएससी की अधिकारी वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं। क्योंकि हो सकता है की इस आर्टिकल में हमसे कोई भूल न हो गई हो।



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